कलम का कमाल . . .

कलम का कमाल . . . लिखता मैं आ रहा हूँ गीत मिलन के।  रुकती नहीं कलम मेरी लिखने को नए गीत । क्या क्या मैं लिख चुका मुझको ही नहीं पता।  कब ...
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अंधेरे उजाले . . .

अंधेरे उजाले . . . कभी अंधेरों में रोशनी को ढूँढ़ता हूँ। तो कभी रोशनी को अंधरो में खोजता हूँ। एक दूसरे के बिना दोनों ही अधूरे से हैं। ...
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दुनिया का मेला . . .

दुनिया का मेला . . . दुनिया के मेले में हर कोई अकेला हैं। हैं बहुत भीड़ पर इंसान अकेला हैं। फिर भी अपनो को भीड़ में ढूँढ रहा हैं। जबकि...
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थक गया पर . . .

थक गया पर . . . कर कर के मैं थक गया जीवन भर काम। सबको व्यवस्थित करके किया अपना काम। जब आया थोड़ा सा मौका मिल ने को आराम। तभी थमा दिया म...
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रिश्तें . . .

रिश्तें . . . कभी रिश्ते बनाते है कभी उनको निभाते है। कभी रिश्ते बचाते है कभी खुदको बचाते है। इन दोनों कर चक्कर में अपनो को खो देते है...
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प्यार . . .

प्यार . . . जब मिले किसी से नजरे जब मिले किसी से दिल। समझो की प्यार तुम्हें अब होने लगा है।। जिंदगी की दास्तान चाहे कितनी हो हसीन। बिन...
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दिलकी आवाज से ही . . .

दिलकी आवाज से ही . . . तुम ही से प्यार करता हूँ, तुम ही पर जान देता हूँ। तुम्हारे दिल की धड़कनों, मैं पहचान लेता हूँ। तभी तो लोग, तेरी ...
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रंगो से प्रेम करो . . .

रंगो से प्रेम करो . . . प्रेम मोहब्बत से भरा, ये रंगों त्यौहार है। जिसमें राधा कृष्ण का जिक्र बेसुमार है। तभी तो आज तक अपनो में स्नेह ...
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गाँव की होली . . .

गाँव की होली . . . होली आते ही मुझे याद गाँव की आ गई। कैसे मस्ती से गाँव में होली खेला करते थे। और गाँव के चौपाल पर होली की रागे स...
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मां तो मां है . . .

 मां तो मां है . . . साथीयों जब भी की त्यौहार आदि आते है और हमें मां की बहुत याद आती है। इसी कड़ी में होली के अवसर पर मैं अपना एक लेख मा...
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विश्वास . . .

विश्वास . . . दोस्तो वैसे तो विश्वास आज के जमाने मे लोग किसी पर भी नहीं करते है। क्योंकि समय और चारो तरफ का वातावरण बहुत ही अजीब सा चल र...
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