हज़ारों ख्वाहिशें . . .

हज़ारों ख्वाहिशें . . . हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी के हर ख्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले डरे क्यूँ मेरा क़ातिल क्...
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भ्रूणहत्या

  अमेरिका में सन 1984 में एक सम्मेलन हुआ था - 'नेशनल राइट्स टू लाईफ कन्वैन्शन'। इस सम्मेलन के एक प्रतिनिधि ने डॉ॰ बर्नार्ड नेथेनसन क...
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लोग कहते है . . .

लोग कहते है की में काफी बोरिंग शा हु, वो क्या है कि में थोड़ा दुनिया से अलग हु।। मुझे दोस्त बनाना नही आता । और गलती से बन गया तो मुजसे...
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वक्त से लडकर जो . . .

वक्त से लडकर जो नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे, कल क्या होगा कभी ना सोचो, क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे…...
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अपना कारवां है . . .

अपनी मंज़िल, अपना रास्ता है हम शोखियां बखारते, शौक से चलते हैं हम वो हैं जो मोड़ पर न रास्ते  बदलते हैं पतझड़ से सीखा है, हम पत्तो की त...
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Challenges.....

Challenges को Accept करते चलो  जिस दिन Accept करना छोड़ उस दिन हार पक्की है  अगर हम सोचे की कम पूरा आराम कर लू  प...
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करना तो है काफी .....

करने जैसा तो है काफी कुछ ..... पर अच्छा करू या सही करू.... पढ़े -रुकना कभी आता नहीं   निर्भय बन के दुनिया को बचाउ....  या फिर...
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रुकना कभी आता नहीं

रुकना कभी आता नहीं  झुकना कभी सीखा नहीं  बन कर हम तूफान चले पढ़े -  करना तो है काफी . जान के बदले ले कर जान चले भारत माँ के वीर नहीं...
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किताबें . . . !

किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से, बड़ी हसरत से तकती हैं. महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं, जो शामें इन की सोहबत में कटा...
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