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मानव मुल्य . . .

हिन्दी मेरी माँ . . .

हिन्दी मेरी माँ . . . मैं हिन्दी का बेटा हूँ हिन्दी के लिए जीत हूँ।  हिन्दी में ही लिखता हूँ हिन्दी को ही पढ़ता हूँ।  मेरी हर एक सांस ...
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नारी जल है . . . हर पात्र में ढल जाए, हर रंग में रंग रंगीन हो जाए। नारी खुशबू है हवा में घुल जाए . . .

नारी जल है ,हर पात्र में ढल जाए, हर रंग में रंग रंगीन हो जाए। नारी खुशबू है हवा में घुल जाए, महकती हर चीज में समा जाए। नारी एहसास...
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क्या है मुंबई . . . जब सारा देश सोता है और सुकून की सांस लेता है। तब जगाती है मुंबई . . .

क्या है मुंबई . . . जब सारा देश सोता है और सुकून की सांस लेता है। तब जगाती है मुंबई और सबके अरमान पूरे करती है। तभी तो इसे भारत की ...
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अनुभव से . . . आज के युग में हर कोई अपने बेटी बेटा को इंजीनियर वैज्ञानिक डाक्टर सी ए आदि . . .

अनुभव से . . . आज के युग में हर कोई अपने बेटी बेटा को इंजीनियर वैज्ञानिक डाक्टर सी ए आदि बनना चाहिते है। परंतु इसका ये मतलब ये नहीं...
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धर्म आस्था और दंड, श्रृष्टि के निर्माता ने उसे बनाया ही कुछ ऐसा था. . .

धर्म आस्था और दंड . . . श्रृष्टि के निर्माता ने उसे बनाया ही कुछ ऐसा था। जिसमें सभी लोगों का समावेश होना था। ऊपर से चौरासी लाख देवी...
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मोहब्बत का नया अंदाज, जब हम पास होते थे, तो दूर जाने को कहते थे . . .

मोहब्बत का नया अंदाज . . . जब हम पास होते थे तो दूर जाने को कहते थे। जब दिलकी धड़कनों को दिलसे सुनना होता था। तब कही और उलझना तुम्ह...
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फिर मौसम सुहाना . . .

फिर मौसम सुहाना न रहा जब वो मिरे पास यहां न रहा हर तरफ बेबसी का आलम है मोहब्बत लायक ये समा न रहा! कैसे, क्यूं रह लेते दिल में उसके ...
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